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Dr. Hirdesh Chaudhary


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देशभक्ति का झूठा उन्माद

Posted On: 7 Mar, 2017  
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बलात्कार पर बलात्कार, कहाँ है सरकार

Posted On: 3 Sep, 2016  
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इतनी बदकिस्मत क्यों है आधी आबादी

Posted On: 6 Mar, 2016  
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गणतंत्र की आस में तरसता घुमंतु समाज

Posted On: 25 Jan, 2016  
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राम “नीति” या राज “नीति”

Posted On: 15 Jan, 2016  
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गैर बराबरी शिक्षा से पिछड्ते नौनिहाल

Posted On: 18 Jun, 2015  
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दिल्ली की धड़कन : नियंत्रण किसका?

Posted On: 21 May, 2015  
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सरकार मस्त किसान पस्त

Posted On: 6 Apr, 2015  
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दीमापुर के सुलगते सवाल

Posted On: 11 Mar, 2015  
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महिला सुरक्षा सिर्फ चुनावी मुद्दा

Posted On: 1 Feb, 2015  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा:

जय श्री राम डॉ ह्रदेश जी बहुत अच्छा लेख लेकिन सर्वोच्च न्यायालय इतनी देर क्यों लगा रहा पर क्या इस्लाम या कोइ धर्म दुसरे धर्म के पवित्र स्थानों को नष्ट और लूटने की इज़ाज़त देती है ये तो प्रमाणित है की मुसलमानों ने हिन्दुओ के हजारो मंदिरों को तोडा और मथुरा और वरनाशी में हमारे मंदिरों के साथ मस्जिद बनवा दी हिन्दू और खास कर नेहरूजी की अदूरदर्शीता का ही परिणाम है जो ये हालत नहीं तो सोमनाथ कद तरह तीन मंदिरों का पुनर उद्धार हो सकता था.हिन्दू लोग कभी सीखेगे और गुलाम बने रहेगे आज भी मुसलमान अल्प्संयक होते भी वोटो के लिए शान से रहते और हिन्दू दुसरे दर्जे की तरह इसीलिये वे हमेश दंगे के लिए ज़िम्मेदार बताये जाते जब्को मुसलमानों के खिलाफ बोलने में सेक्युलर नेता मीडिया चुप रहता.ये यही है की धर्म पर भी राजनीती हिन्दू गुलाम थे और आज भी है अच्छे लेख के लिए बधाई

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal




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